पुराना दर्द

पुराना दर्द अभी थमा भी न था की दिल एक दर्द फिर सह रहा है। 
बिखरी है मुस्कराहट मेरे होठो पर सो खुश हु मै, नादान ज़माना कह रहा है। 
ऐ ज़माना लाख डूब जा गर्त तक तू ,मगर जमीं न मिलेगी,
ये दर्द का वो दरिया है जो मेरे सीने से बह रहा है।

Please follow and like us:

Author: admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *