हौसला नहीं था मुझमे खुलकर जलने का

हौसला नहीं था मुझमे खुलकर जलने का इसलिए राख बन कर सुलगना पड़ा।

बच कर निकलना मुश्किल था दुश्मनो से,इसलिए रौंद कर उन्हें आगे बढ़ना पड़ा !

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Author: admin

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